What is Hepatitis (B),
लेकिन हेपेटाइटिस बी सी और डी यह सिर्फ और सिर्फ बॉडी फ्लूइड से ही फैलता है और बॉडी फ्लूइड्स में भी क्या या तो ब्लड हो या फिर सीमन हो वीर्य जिसको कहते हैं या फिर वजाइनल फ्लूइड हो ये वाले जो बॉडी फ्लूइड्स हैं इन्हीं से ये फैलता है तो सबसे पहले तो उन न्यूज़पेपर वालों पर मुझे दया आ रही है जो फ्रंट पेज पर छाप रहे हैं हेपेटाइटिस बी से इतनी मौतें और अभी भी दूषित पानी की सप्लाई जा रही है अभी भी गंदे पानी से हो रहा है भाई गंदे पानी से हेपेटाइटिस बी नहीं होता दुनिया की किसी भी लैब से आप टेस्ट कराओ लिवर फंक्शन टेस्ट की रिपोर्ट में सबसे ऊपर देखना टॉप पे यही लिखा रहता है बिलरुबिन तो ये कैसे लिखा रहता है तो उसमें ऐसे लिखा रहता है सिरम बिलरुबिन पहले लिखा होता है टोटल फिर लिखा होता है सिरम बिलरुबिन इनडायरेक्ट और फिर लिखा होता है सिरम बिलरुबिन डायरेक्ट नमस्ते हरियाणा में पलवल में एक गांव में कई लोगों की डेथ हो चुकी है खबरों में कुछ का कुछ आ रहा है कुछ लोग बोल रहे हैं कि ये ज्डिस की वजह से हुआ है ज्डिस मतलब पीलिया की वजह से हुआ है कुछ जगह पे चल रहा है कि हेपेटाइटिस बी है कुछ जगह पे न्यूज़पेपर वाले तड़का लगाने के लिए लिख रहे हैं मिस्टीरियस इलनेस मतलब एक ऐसी बीमारी जिसका किसी को पता ही नहीं लग रहा है कि क्यों हो रहा है ऐसा कुछ लोग बोल रहे हैं कि ये गंदे पानी की वजह से हो रहा है तो सबसे पहले तो आज के सेशन में इस न्यूज़ से रिलेटेड जो जीके जनरल नॉलेज है उसको हम स्टडी करेंगे और हम ये देखेंगे कि क्या हमेशा ज्डिस गंदे पानी से ही कनेक्शन होता है क्या हेपेटाइटिस बी के लिए भी गंदे पानी को ब्लेम कर सकते हैं हेपेटाइटिस और ज्डिस में क्या डिफरेंस होता है हेपेटाइटिस कितने टाइप का होता है और हेपेटाइटिस बी जो है ये है क्या बला एक्चुअल में तो इसकी बात हम करने वाले हैं साथ ही हम यह भी देखेंगे लिवर फंक्शन टेस्ट जो होता है एलएफटी वो कितने टाइप की चीजें उसमें पता होनी चाहिए तो सबसे पहले तो हमें ये पता होना चाहिए कि व्हाट इज हेपेटाइटिस तो देखो जहां भी टाइटिस आ जाए कोई भी चीज के लास्ट में ये मेडिकल साइंस जो है ना इसके टर्म्स बड़े इजी है बस थोड़ा सा पकड़ना आना चाहिए टाइटिस कहीं भी आ जाए इसका मतलब है कि सूजन या बढ़ा हुआ अच्छा हिपेट कहीं भी आ रहा है हिपा हिपेट तो इसका मतलब एक्चुअल में एक टर्म होता है हिपेटोलॉजी हिपेटोलॉजी होता है स्टडी ऑफ लिवर और ये जो है हाइटिस का मतलब होता है सूजन तो मैं ये कह सकता हूं कि हेपेटाइटिस एक्चुअल में क्या है कि साहब लिवर जो है लिवर में सूजन आ गई है इंफ्लेमेशन आ गई है ये मैं लेन की लैंग्वेज में बता रहा हूं अब हेपेटाइटिस जो है यह कई वजह से हो सकता है लेकिन आपको याद रखना है कि हेपेटाइटिस जो है यह एक वायरल डिजीज है वायरल डिजीज का मतलब क्या होता है वायरल डिजीज को हिंदी में कहते हैं विषाणु जनित रोग बीमारियां जो है ना बीमारियां कई तरह की होती हैं जैसे कुछ बीमारियां बैक्टीरिया से होती है उनको कहते हैं जीवाणु जनित कुछ बीमारियां कृमी से होती है कीड़ों से होती है उनको कहते हैं वर्म डिजीज कुछ बीमारियां वेक्टर वेक्टर मतलब फैलाने वाला होता है कोई वाहक होता है उससे होती है ये जो बीमारियां होती हैं जो वायरस से होती हैं उनमें आती है हेपेटाइटिस अच्छा हेपेटाइटिस जो है ये लिवर की बीमारी है ठीक है हेपेटाइटिस के जो सिम्टम्स हैं सिम्टम्स का मतलब इसके जो लक्षण हैं इसके लक्षणों में से एक लक्षण जो है वो है ज्डिस अब बात आती है जॉन्डिस यानी कि पीलिया क्या पीलिया एक बीमारी है नहीं पीलिया बीमारी का एक लक्षण है तो पहले तो यह देखेंगे पीलिया क्या होता है यह भी देखेंगे पीलिया को पीलिया क्यों कहते हैं यह भी देखेंगे कि किसी को पीलिया हुआ है तो क्या वो हेपेटाइटिस है क्या यह भी देखेंगे कि एलएफटी यानी लिवर फंक्शन टेस्ट की रिपोर्ट में बिलरुबिन डायरेक्ट और इनडायरेक्ट और टोटल तीन तरह का होता है कौन से वाला बढ़ गया तो गड़बड़ है डायरेक्ट बिलरुबिन का मतलब क्या है इनडायरेक्ट बिलरुबिन का मतलब क्या है ये भी देखेंगे कि ये बिलरुबिन आता कहां से है और यह भी देखेंगे कि सिर्फ रिपोर्ट देख के एलएफटी की लिवर फंक्शन टेस्ट की हम कैसे यह पता लगा सकते हैं कि यह इनडायरेक्ट वाला ज्डिस है या डायरेक्ट वाला ज्डिस है तो अभी अपन एक-एक करके चीजों को सॉर्ट आउट करेंगे यहां तक सिर्फ इतना बताया मैंने हेपेटाइटिस का मतलब लिवर में सूजन लिवर में गड़बड़ हो रही है कुछ हेपेटोलॉजी का मतलब लिवर की स्टडी को बोलते हैं अब अपन एक-एक करके आगे चलते हैं तो देखो जो पूरा का पूरा गेम है हेपेटाइटिस का उसको समझने के लिए अपने को चलना पड़ेगा ब्लड के पास अब अपना जो ब्लड होता है इंसान का जो खून होता है ब्लड को हिंदी में बोलते हैं रक्त तो इंसान का जो ब्लड होता है उस ब्लड में एक बड़ा इंपॉर्टेंट कॉम्पोनेंट होता है आपने देखा होगा ब्लड जो है ना किसी का भी ब्लड लो ऐसे ऐसे मान लो इस इस टेस्ट ट्यूब में ब्लड ले लिया ऐसे ये जो रेड-रेड भरा है ये मान लो ब्लड है यहां तक और इस ब्लड को सेंट्रीफ्यूगेशन से अलग-अलग करें सेंट्रीफ्यूेशन मतलब एक मशीन होती है जो ऐसे ऐसे ऐसे जोर-जोर से घुमाती है जैसे मक्खन अलग हो जाता है ना दही से वैसे ऐसे चर्निंग करती है जोर से घुमाती है तो उस मशीन में ले जा के अगर मैं इसको ऐसे घुमाऊं जोर से तो थोड़ी देर घूमने के बाद क्या मिलेगा मेरे को रहेगा तो इतना ही बट ये जो रेड वाला जो मैंने बनाया था ना ये नीचे-नीचे रह जाएगा बस इतना ये नीचे नीचे रह जाएगा और इसके ऊपर फिर क्या जमेगा इसके ऊपर एक येलो कलर की लेयर आएगी पतली सी यहां पर यह ब्लैक बन रही है मान लो येलो है यह और इसके भी आगे जब जाओगे तो यहां पर एक और लेयर आएगी इसको मैं येलो ही कर देता हूं ये ऐसे तो ये क्या होता है कि हमारा जो ब्लड होता है ब्लड के अंदर आरबीसी होती है आरबीसी को हिंदी में बोलते हैं लाल रक्त कणिका यह आरबीसी होती है यहां पर यह जो जम गई बीच में यह क्या है यह प्लेटलेट्स हैं और यह क्या चीज है यह है प्लाज्मा प्लेटलेट्स के साथ इसी के अंदर डब्ल्यूबीसी भी है अब ये जो आरबीसी होती है इस आरबीसी से रिलेटेड पूरा गेम है अपना आरबीसी के लिए पता होगा आपको कि आरबीसी जो है यह मेल में अप्रोक्समेटली 5 मिलियन होती हैं 5.5 मिलियन होती हैं और जो फीमेल होती है उसमें एप्रोक्समेटली 4.5 मिलियन होती हैं मिलियन का मतलब 10 लाख तो मैं यह कह सकता हूं कि मेल जो होता है उसमें 55 लाख आरबीसी होती हैं 1 एमएल ब्लड की बात हो रही है और फीमेल जो होती है उसमें 45 लाख आरबीसी होती है आरबीसी जो होती है इसका लाइफ स्पैन यानी इसका जीवनकाल कई बार क्वेश्चन पूछा जाता है जीके में कि आरबीसी का लाइफ स्पैन कितना होता है तो आरबीसी का लाइफ स्पैन होता है 1120 डेज तो इस से हमें यह टेक अवे याद रखना है कि हमारा जो ब्लड होता है हमारे ब्लड में आरबीसी होती है और आरबीसी जो हैं उनका लाइफ स्पैन होता है 1120 डेज अब देखो एक आरबीसी पैदा कहां होती है तो हमारी जो लंबी हड्डियां होती हैं जैसे हमारी फीमर है फीमर मतलब जांघ की हड्डी या रीड की हड्डी बड़ी जो हड्डियां होती हैं उन हड्डियों के अंदर बीच में स्टेम सेल्स होती हैं ये स्टेम सेल्स कहां मिलती हैं यह मिलती है रेड बोन मैरो में बोन मैरो मतलब हिंदी में बोलते हैं अस्थि मज्जा और रेड है तो इसको बोल देते हैं लाल अस्थि मज्जा कहां पे लॉन्ग बोनस में तो लॉन्ग बोनस के अंदर रेड बोन मैरो होता है इस रेड बोन मैरो के अंदर होती हैं स्टेम सेल्स स्टेम सेल्स उन सेल्स को कहते हैं जो सेल्स दूसरी सेल्स को बना सकती हैं हम सभी हमारी पूरी की पूरी बॉडी कुछ स्टेम सेल्स का ही रिजल्ट है इसीलिए आजकल बहुतेंट क्वेश्चन हो गया है स्टेम सेल थेरेपी देखा होगा अच्छे हॉस्पिटल्स में जब बच्चा होता है डिलीवरी के बाद वो ऑप्शन देते हैं कि क्या आप स्टेम सेल्स को प्रिजर्व करना चाहेंगे स्टेम सेल बैंकिंग बोलते हैं उसको तो वो स्टेम सेल्स क्यों रखते हैं क्योंकि स्टेम सेल्स ब्लड को बनाती हैं तो इसीलिए किसी के अगर ब्लड कैंसर हो जाता है तो आपने देखा होगा कि उसके सूटेबल डोनर के बैक बोन से बोन मैरो लेके और इंजेक्शन लगाते हैं उस पेशेंट के जिसके ब्लड कैंसर हुआ है या ब्लड की डिजीज हुई है तो हमारे लॉन्ग बोनस में लंबी हड्डियों में बीच में रेड बोन मैरो होता है उस रेड बोन मेरो में स्टेम सेल्स होती हैं ये स्टेम सेल्स जो हैं ये स्टेम सेल्स आरबीसी बनाती हैं आरबीसी मतलब हमारे ब्लड की सेल्स को यह बनाती हैं अब ध्यान से सुनने की बात है आरबीसी जो होगी आरबीसी 120 दिन बाद 120 डेज जैसे ही निकलेंगे आरबीसी की मौत हो जाएगी सबका एक लाइफ स्पैन है इसका भी एक जीवन काल है 120 डेज 120 डेज के बाद ये बन गई डेड आरबीसी अब जो डेड आरबीसी है वो डेड आरबीसी हमारे काम की नहीं है जो मर गया वो हमारे काम का नहीं है सिस्टम में तो उसको क्या करना पड़ेगा उसको डिस्ट्रॉय करना पड़ेगा उसको ठिकाने लगाना पड़ेगा तो हमारी बॉडी में एक ऑर्गन होता है स्प्लीन स्प्लीन को बोलते हैं प्लीहा स्प्लीन या प्लीहा क्या करता है स्प्लीन या प्लीहा डेड आरबीसी को डिस्ट्रॉय करता है इसीलिए जो स्प्लीन या प्लीहा है इसको बोल देते हैं इसको एक और इसका वर्ड है शायद उर्दू में आता है तिल्ली बोलते हैं इसको तो तिल्ली ये याद रखना है तो स्प्लीन या प्लीहा या तिल्ली ये जो है ये डेड आरबीसी को मरी हुई आरबीसी को डिस्ट्रॉय करता है इसीलिए कई बार यह क्वेश्चन भी आता है कि आरबीसी की कब्र आरबीसी की कब्र कहां बनती है तो आरबीसी की कब्र बनती है स्प्लीन में अब स्प्लीन का काम है आरबीसी को तोड़ना तो अब ये आरबीसी को तोड़ेगा तो यहां तक मैंने आपको बताया कि हमारी जो लॉन्ग बोनस हैं बड़ी बोनस हमारी बॉडी की जो हैं वो आरबीसी बनाती हैं विद द हेल्प ऑफ रेड बोन मैरो विद द हेल्प ऑफ रेड बोन मेरो में भी स्टेम सेल्स स्टेम सेल्स आरबीसी बनाती है 120 दिन बाद आरबीसी मर जाती है मरी हुई आरबीसी हमारे यहां पर एक ऑर्गन होता है जिसको कहते हैं स्प्लीन वहां पर आई आती है स्प्लीन को काम ही क्या मिला है स्प्लीन से पूछा जाए कि भैया क्या करते हो काम जैसे लोग पूछते हैं ना कि आप क्या काम करते हो तो स्प्लीन से पूछा जाए कि आप क्या काम करते हो तो स्प्लीन कहेगी मेरा काम है मरी हुई आरबीसी को डिस्ट्रॉय करना सो दैट वो बॉडी को नुकसान नहीं दे अब इससे पूछा कि आप डिस्ट्रॉय कैसे करते हो तो स्प्लीन आपको बताएगी कि मैं डिस्ट्रॉय करने के लिए आरबीसी को अब आरबीसी जो होती है ना वो इस तरह की होती है ऐसे बाईकॉनकेव होती है तो ऐसी शेप होती है यह भी क्वेश्चन आता है कई बार आरबीसी की शेप कैसी होती है बाई कॉनकेव होती है बाई का मतलब द्व और कॉनकेव का मतलब अवतल द्व अवतल इसका आकार होता है शेप होती है अब आरबीसी जो है आरबीसी के अंदर एक बहुत काम की चीज है यह आरबीसी है और आरबीसी के ऊपर बैठा है एचबी एचबी होता है मेडिकल साइंस की लैंग्वेज में हीमोग्लोबिन आरबीसी जो है यह मेडिकल साइंस की लैंग्वेज में होती है एरथ्रोसाइट हीमोग्लोबिन जो है इसके लिए भी याद रखना कि एक मेल जो है उसमें हीमोग्लोबिन होना चाहिए एप्रोक्समेटली 12%ेज परसेंटेज में क्यों लेते हैं इसको नापते हैं पर 100 यूनिट के अंदर के 100 यूनिट जो है उसके अंदर कितना है और जो फीमेल होती है उसमें अप्रोक्सिममेटली 11 जो है यूनिट इससे ज्यादा होना चाहिए ऐसा माना जाता है हालांकि इंडिया में और इंडियन सबक्टिनेंट में कम मिलता है इतना मिलता नहीं है तो अब आरबीसी मरी हुई है आरबीसी किसी काम की नहीं है और आरबीसी आई स्प्लीन के पास अब स्प्लीन इसके टुकड़े करेगा स्प्लीन जब इसके टुकड़े करेगा आरबीसी के क्योंकि स्प्लीन को हम क्या बोलते हैं आरबीसी की कब्र बोलते हैं ये क्वेश्चन भी कई बार आया हुआ है आरबीसी की कब्र तो याद रखना है स्प्लीन तो स्प्लीन इसके टुकड़े करेगा जब इसके टुकड़े करेगा ये तो इसके अंदर एक इंपॉर्टेंट पॉइंट बच जाएगा एक इंपॉर्टेंट पार्ट बच जाएगा एचबी एचबी मतलब हीमोग्लोबिन अब हीमोग्लोबिन को जब तोड़ा जाएगा तो हीमोग्लोबिन में दो पार्ट होते हैं एक होता है आयरन वाला पार्ट और मैंने कई बार बताया है हीमोग्लोबिन में आयरन Fe+2 फॉर्म में रहता है ये याद रखना है हीमोग्लोबिन में आयरन Fe+2 फॉर्म में रहता है आयरन वाला जो पार्ट होता है इसको साइंस में कहते हैं हीम पार्ट इसको कहते हैं हीम पार्ट इसीलिए जब किसी में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है या किसी में ब्लड की कमी हो जाती है एनीमिया कहते हैं जिसको तो उस टाइम पेशेंट को एचबी बढ़ाने के लिए आयरन देते हैं क्यों देते हैं फेरस फ्यूमरेट फेरस सल्फेट ये चीजें देते हैं या आयरन वाली चीजें खाने के लिए कहते हैं क्यों देते हैं इसलिए देते हैं सो दैट जो हीमोग्लोबिन है वो उसका हीम पार्ट आयरन से बनता है ईजीली बन जाए फिर हीमोग्लोबिन में दूसरा पार्ट कौन सा होता है हीमोग्लोबिन में दूसरा पार्ट होता है ग्लोबिन यह जो है यह प्रोटीन वाला पार्ट होता है अब इसके अलावा जब इसको स्टडी करते हैं तो पता लगता है हीमोग्लोबिन में इसकी जो स्ट्रक्चर होती है वो उसमें एक रिंग होती है जिसको कहते हैं पोर फायरिन रिंग पोर फायरिन रिंग तो मतलब यहां पर अगर मैं इस पूरी चीज को समराइज करूं तो मैं इसको मर्ज कर सकता हूं पिछले उससे कि सबसे पहले हमारी जो लॉन्ग बोनस थी उनमें बताओ कौन सी मैरो था रेड बोन मैरो रेड बोन मैरो में कौन सी सेल्स थी स्टेम सेल्स स्टेम सेल्स ने बनाई आरबीसी आरबीसी की 120 दिन बाद डेथ हो गई डेथ होने के बाद ये आई स्प्लीन के पास स्प्लीन ने इसको तोड़ना शुरू किया जब टूटा तो हीमोग्लोबिन निकला हीमोग्लोबिन में आयरन वाला पार्ट जो निकला यह तो हो गया रिअजॉर्ब रिअ्सॉर्ब का मतलब दोबारा से काम में आ जाएगा नई आरबीसी बनाने में इस आयरन को ऐसे के ऐसे काम में ले लेंगे अब बचा पोरफायरिन रिंग वाला पार्ट यह जो पोर फायरिन रिंग वाला पार्ट जो है यह वेस्ट प्रोडक्ट है तो इस पोर फायरिन रिंग वाले पार्ट को जब हमारा शरीर तोड़ेगा इसको जब हम डिस्ट्रॉय करेंगे हमारा डिफेंस सिस्टम जब इसको डिस्ट्रॉय करेगा तो स्प्लीन में से गुजरते टाइम इस पे अटैक करेंगी हमारी मैफाज सेल्स मैकफाज सेल्स कौन सी होती हैं ये ऐसे समझो कि इनका काम है ये फौजी है हमारे इनका काम है कोई दुश्मन आ रहा है उसको मारना या कोई मरी हुई सेल है हमारी जो हमें नुकसान दे सकती है उसको भी यही मारते हैं मैक्रोफाज तो अब पोरफरीन रिंग जब टूटेगी तो एक केमिकल बनेगा जिसको कहते हैं बिलवेडिन बिलवेडिन और ये जो बिलवर्डन है ये फिर आगे कन्वर्ट होता है रिडक्शन प्रोसेस के थ्रू बिल रुबिन के अंदर तो अब ये कह सकते हैं कि हम एक नई चीज पे पहुंच गए अब हम ये जानते हैं कि कैसे बोन मैरो से आरबीसी बनती है कैसे आरबीसी टूटती है हीमोग्लोबिन के दो पार्ट होते हैं पोरफिन रिंग जो है वो बिलविरडिन में बदलती है बिलविरडिन बिल रूबिन में बदलता है अब ध्यान से सुनना जब भी आप किसी की भी लिवर की रिपोर्ट देखोगे तो लिवर की रिपोर्ट जो कराते हैं उसको बोलते हैं एलएफटी लिवर फंक्शन टेस्ट दुनिया की किसी भी लैब से आप टेस्ट कराओ लिवर फंक्शन टेस्ट की रिपोर्ट में सबसे ऊपर देखना टॉप पे यही लिखा रहता है बिलरुबिन तो ये कैसे लिखा रहता है तो उसमें ऐसे लिखा रहता है सिरम बिलरुबिन पहले लिखा होता है टोटल फिर लिखा होता है सिरम बिलरुबिन इनडायरेक्ट और फिर लिखा होता है सिरम बिलरुबिन डायरेक्ट तो एक तो हमें यह चीज समझ आ जानी चाहिए कि यह बिलरुबिन है क्या भला तो बिलरूबिन क्या है आरबीसी मर रही है टूट रही है हीमोग्लोबिन में हीमोग्लोबिन टूट रहा है किस में fe+2 में यह रिअ्सॉर्ब हो गया और पोरफेरिन रिंग में पोरफेरिन रिंग जो है वो बिलविरडिन बना रही है बिलविरडिन बिलरुबिन बना रहा है और ये बिलरुबिन लिवर फंक्शन टेस्ट में सबसे पहले टेस्ट किया जाता है इन्हीं से ही एक चीज और याद रखना कि अगर किसी आदमी में अब यह क्वेश्चन जीके में आया हुआ क्वेश्चन है के ज्डिस यानी कि जिसको बोलते हैं पीली बिहार और यूपी के बच्चे जो हैं वह इसको पढ़ते हैं पांडु रोग शायद पांडु रोग इसलिए कहते हैं कि ऐसा कहते हैं कि जो पांडु नाम का कैरेक्टर महाभारत में आता है ये पांडवों के जो पिता कहते हैं जिनको वो उनके ये बीमारी थी ऐसा इसलिए कह देते हैं लोग कि पांडु रोग जो है इससे रिलेटेड है तो ज्डिस या पीलिया क्वेश्चन ये आता है ये क्या होता है तो आपको याद रखना है कि ज्डिस या पीलिया क्या होता है तो आपको कहना है किसी भी आदमी में बिलरुबिन का लेवल बढ़ जाना क्या होता है पीलिया होता है अच्छा एक और चीज ये जो बिलरुबिन है ये बिलरुबिन येलो कलर का होता है बिलरूबिन का कलर कैसा होता है येलो कलर होता है तो अब येलो कलर वाली चीज अगर बॉडी में बढ़ गई तो ये येलो कलर कहां से दिखेगा अब इसका अब मान लो मेरी बॉडी में कोई येलो कलर वाली चीज बढ़ गई तो येलो कलर वहां दिखेगा जहां पे स्किन पतली है या स्किन वाइट कलर की है तो ये कहां-कहां से अपना कलर दिखाएगा आईज जो है वो येलो दिखने लग जाएंगी नेल्स में से कलर दिखेगा ठीक है और यूरिन जो है यूरिन के अंदर भी कलर आ सकता है आ सकता है क्यों कह रहा हूं अभी मैं बताऊंगा इसकी भी बात तो ये क्वेश्चन आता है दूसरा ये आ जाता है कि ज्डिस में किसकी जांच करते हैं बिलरुबिन की जांच करते हैं कई बार यह क्वेश्चन आ जाता है ज्डिस किस अंग से संबंधित है तो उस टाइम याद रखना है लिवर यानी कि यकृत से संबंधित होता है ज्डिस ठीक है साहब यहां तक बात हो गई अब यहां पे एक चीज आती है कि सिरम बिलरुबिन क्यों लिखा हुआ है यहां पे सीधा बिलरुबिन क्यों नहीं लिखा हुआ है तो हमारा जो ब्लड होता है हमारे ब्लड में से अगर सेल्स को अलग कर दें तो जो बचता है उसको कहते हैं सिरम ठीक है तो वो इसलिए इसको सिरम ये है है एक्चुअल में ये ब्लड में ही नाप रहे हैं अब जो बिलरुबिन है क्या बिलरुबिन सिर्फ आरबीसी के मरने से आता है तो याद रखना बिलरूबिन का एक और सोर्स है और कहां से आएगा तो बिलरुबिन के सोर्स यानी के स्त्रोत तो बिलरुबिन के स्रोत एक तो हो गया डेड आरबीसी और दूसरा इसका सोर्स क्या हो सकता है तो बिलरूबिन का दूसरा सोर्स हो सकता है के जो आरबीसी बन रही थी कहां बन रही थी याद करो बोन मैरो से बन रही थी तो कोई पूछे खून कहां से बनता है तो हड्डियों से बनता है खून याद रखना डिफेक्टिव आरबीसी अगर वहां बन गई कोई आरबीसी ऐसी बन गई जो डिफेक्टिव है तो डिफेक्टिव आरबीसी का डिस्ट्रक्शन होने से भी बिलरुबिन बनता है डेड आरबीसी से भी बिलरुबिन बनता है और डिफेक्टिव आरबीसी जो है उससे भी बिलरुबिन बनता है अब देखो होता क्या है बिलरुबिन जो है वह दो तरह का बनता है अब यह टोटल इनडायरेक्ट और डायरेक्ट वाला खेल समझ में आएगा तो बिलरूबिन ये दो टाइप का बन गया पहले हमने समझा था बिलरुबिन क्या है अब हम समझ रहे हैं बिलरुबिन दो टाइप का है एक बिलरुबिन है इनडायरेक्ट बिलरुबिन और एक बिलरुबिन है डायरेक्ट बिलरुबिन तो जो बिलरुबिन बनता है बिलरुबिन का इनडायरेक्ट का मतलब क्या है इनडायरेक्ट का मतलब वो बिलरुबिन जो जल में नहीं घुलता यह पानी में नहीं घुलता तो इंग्लिश में भी लिख देता हूं यहां पे वाटर इनसॉलीबल यह पानी में नहीं घुलता डायरेक्ट जो होता है यह वाटर सॉलुबल होता है वाटर सॉलबल का मतलब यह पानी में घुल जाता है इनडायरेक्ट वाला जो है यह कहां जुड़ता है यह हमारे ब्लड में एक प्रोटीन होती है एल्बुमिन से अटैचमेंट होता है इसका हमारे ब्लड में एक प्रोटीन होती है एल्बुमिन याद रखना एल्बुमिन अंडे में भी मिलती है यह भी क्वेश्चन आता है अंडे में कौन सी प्रोटीन मिलती है एल्बुमिन डायरेक्ट वाला जो है और इनडायरेक्ट वाला जो है दोनों है बिलरुबिन तो फिर ये वाटर सॉलुबल क्यों और ये वाटर सॉलुबल क्यों नहीं तो जो बिलरुबिन जब बनता है स्पेशली जो इनडायरेक्ट बिलरुबिन बनता है इनडायरेक्ट बिलरुबिन जब लिवर में जाता है तो हमारा लिवर इनडायरेक्ट बिलरुबिन को बदल देता है डायरेक्ट बिलरुबिन में और जो डायरेक्ट बिलरुबिन है यह फिर हमारी बॉडी यूरिन के थ्रू बाहर निकाल देती है मूत्र में बाहर निकाल देती है तो मतलब बिलरुबिन तीन तरह का है एक है टोटल बिल बिलरुबिन एक है इनडायरेक्ट एक है डायरेक्ट तो इनडायरेक्ट जो है यह हमारे ब्लड में मौजूद है और इसकी प्रोसेसिंग अभी तक लिवर ने नहीं की है इजी लैंग्वेज में मैं इसको ऐसे कह सकता हूं कि जब हमारा इनडायरेक्ट बिलरुबिन लिवर से क्रॉस कर जाता है तो वो डायरेक्ट बिलरुबिन बन जाता है जब हमारा इनडायरेक्ट बिलरुबिन लिवर को क्रॉस कर जाता है तो वही डायरेक्ट बिलरुबिन बन जाता है अच्छा एक और चीज यहां पे याद रखने की है डायरेक्ट बिलरुबिन को यूरिन से बाहर निकाला जाता है तो अब यहां पे टोटल बिलरुबिन क्या है तो टोटल कुछ भी नहीं है इनडायरेक्ट और अडायरेक्ट दोनों को जोड़ दिया जाए तो वह आ जाता है टोटल बिलरुबिन है ना अब किसी आदमी के अंदर ब्लड की बीमारी है उसमें जल्दी-जल्दी आरबीसी जो है वो मर रही है या उसकी आरबीसी जो है वो डिफेक्टेड है डिफेक्टिव है तो उस आदमी में क्या होगा उस आदमी में इनडायरेक्ट बिलरुबिन बढ़ा हुआ आएगा अब इनडायरेक्ट बिलरुबिन बढ़ा हुआ आ रहा है है ना इसका मतलब हो सकता है कि इनडायरेक्ट बिलरुबिन ज्यादा है बट इनडायरेक्ट बढ़ा हुआ है और साथ में डायरेक्ट भी बढ़ा हुआ है तो इसका मतलब क्या है कि लिवर इनडायरेक्ट को बड़े अच्छे से डायरेक्ट में बदल रहा है किसी आदमी में इनडायरेक्ट बिलरुबिन जो है वो नहीं बढ़ा हुआ और सिर्फ डायरेक्ट वाला बिलरुबिन जो है वो बढ़ा हुआ है तो इसका मतलब क्या है डायरेक्ट वाला बिलरुबिन हाई आ रहा है इसका मतलब है कि लिवर जो है वो अपना काम तो कर रहा है बट जो बिलरुबिन बना वो अंदर कहीं अटक रहा है तो जिन लोगों में पित्त की थैली में पथरी हो जाती है गॉल ब्लैडर में स्टोन हो जाती है या जिनमें कैंसर हो जाता है गॉल ब्लैडर का या जिनमें कोिस्टेसिस हो जाता है इन सब के अंदर दिक्कत क्या आती है इन सब पेशेंट्स के अंदर डायरेक्ट बिलरुबिन बढ़ा हुआ आता है जिन लोगों में इनडायरेक्ट बिलरुबिन बढ़ा हुआ आता है इनमें क्या हो रहा है कि इनके अंदर लिवर काम तो कर रहा है बट लिवर की एक कैपेसिटी है उतना ही काम कर पा रहा है तो आरबीसी जो है वो जल्दी-जल्दी मर रही है या अंदर कोई और डिजीज हो गई है इसीलिए एलएफटी बहुत अच्छे से कराना चाहिए अच्छा किसी आदमी में मैं फिर से बता रहा हूं कि किसी आदमी में एक तो मैंने बताया टोटल बिलरुबिन इसको सिरम बिलरुबिन लिखते हैं रिपोर्ट के अंदर यही हाई आ गया यह हाई आ गया तो इसका मतलब लिवर जो है वह बीमार हो गया है लिवर में कोई प्रॉब्लम हो गई है किसी आदमी में इनडायरेक्ट हाई आया है तो इसका मतलब क्या है इसका मतलब उनके ब्लड में प्रॉब्लम है कुछ किसी आदमी में डायरेक्ट वाला हाई आया है इसका मतलब क्या है इसका मतलब है कि उनके गॉल ब्लैडर में स्टोन हो सकता है या कोई और बीमारी हो सकती है जो बिलरुबिन बन तो रहा है बट उसको निकलने नहीं दे रहा ये पूरा का पूरा गेम हमने इसलिए समझा ताकि आपको यह पता लगे कि ज्डिस क्या बला है तो इसका मतलब ज्डिस यानी पीलिया ये कोई बीमारी नहीं है ये किसी भी बीमारी की वजह से अगर आदमी में बिलरुबिन बढ़ जाए जो कि पीले रंग का होता है तो उसको कहते हैं ज्डिस यानी कि पीलिया अब बात आती है कि हेपेटाइटिस बी जो है वह क्या चीज है तो अब देखो कोई भी हेपेटाइटिस जो है वो वायरस से होता है मैंने बताया विषाणु जनित रोग है अब वायरस जो होगा जैसे ही वायरस कहोगे आप तो पहला क्वेश्चन ये आएगा कि ये कितने टाइप का हो सकता है तो आपको याद रखना है हेपेटाइटिस जो है जीके के पॉइंट ऑफ व्यू से हेपेटाइटिस ए हो सकता है हेपेटाइटिस बी हो सकता है हेपेटाइटिस सी हो सकता है हेपेटाइटिस बी हो सकता है हेपेटाइटिस ई हो सकता है अब यहां पे याद रखना हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस ई जिन पे मैं ब्लैक कलर का गोला लगा रहा हूं ये दोनों की दोनों बीमारियां गंदे पानी से हो सकती हैं मल से हो सकती है फीकल मैटर से हो सकती हैं यूरिन से हो सकती है कंटैमिनेटेड फूड से हो सकती है यहां भी मैं लिख देता हूं वाटर से हो सकता है फीकल मैटर से हो सकता है फीकल मैटर का मतलब मल मूत्र से यूरिन से हो सकता है कंटामिनेटेड फूड से हो सकता है दूषित भोजन से हो सकता है लेकिन हेपेटाइटिस बी सी और डी जिन पे मैं रेड कलर का ये लगा रहा हूं ये सिर्फ और सिर्फ बॉडी फ्लूइड से ही फैलता है और बॉडी फ्लूइड्स में भी क्या या तो ब्लड हो या फिर सीमन हो वीर्य जिसको कहते हैं या फिर वजाइनल फ्लूइड हो यह वाले जो बॉडी फ्लूइड्स हैं इन्हीं से यह फैलता है तो सबसे पहले तो उन न्यूज़ पेपर वालों पर मुझे दया आ रही है जो फ्रंट पेज पर छाप रहे हैं हेपेटाइटिस बी से इतनी मौतें और अभी भी दूषित पानी की सप्लाई जा रही है अभी भी गंदे पानी से हो रहा है भाई गंदे पानी से हेपेटाइटिस बी नहीं होता आज के टाइम में गूगल करके भी देख सकते हो बड़ा अच्छा एआई जो है वो बड़े अच्छे से आपको समझा देगा हेपेटाइटिस बी गंदे पानी से नहीं हो रहा है हेपेटाइटिस बी अगर हो रहा है एक पेशेंट से दूसरे पेशेंट को वो या तो ब्लड से होगा या सीमन से होगा वजाइनल फ्लूइड्स एटसेट्रा बॉडी फ्लूइड से होगा वो हेपेटाइटिस ए और ई जिसको आप पीलिया कहते हो सामान्य भाषा में जो अपने आप ठीक हो जाता है अब होता क्या है जो लोग पीलिया का झाड़ा करते हैं झाड़ा देखो झाड़फूंक करते हैं यह जो रिलीजियस जो काइंड ऑफ लोग होते हैं जो ब्लफ करते हैं तो कई लोग ऐसे दिखेंगे आपको के तीन दिन मेरे पास आना मैं पीलिया ठीक कर दूंगा है ना तीन दिन ये करो झाड़फूंक कराओ ये पूजा करो यहां जाओ यहां चढ़ावा चढ़ाओ ठीक हो जाओगे नहीं वो एक्चुअल में आपको ठग रहे हैं रीज़ ये ए और ई जनरली सेल्फ लिमिटिंग होते हैं सेल्फ लिमिटिंग का मतलब तीन से पांच दिन में अपने आप ठीक होने वाली बीमारियां होती हैं तो ये लोग बड़े चतुर हैं उन्होंने तीन से पांच दिन में ठीक होने वाली बीमारियां पकड़ ली कि तीन दिन झाड़ा करूंगा सही हो जाएगा वो वैसे भी सही होना ही है तीन से पांच दिन में अब हेपेटाइटिस बी भी क्या ऐसे ठीक हो सकता है क्या नहीं याद रखना हेपेटाइटिस बी जो है यहीं पे बता देता हूं हेपेटाइटिस बी को बोलते हैं काला पीलिया ब्लैक ज्डिस कह देते हैं इसको जीके में कई बार जनरल नॉलेज में यह बीमारी जो है यह सेल्फ लिमिटिंग हो भी सकती है और नहीं भी हो सकती है हेपेटाइटिस बी जो है इसमें ठीक कभी नहीं होता ये इसमें वायरल लोड होता है वायरल लोड का मतलब आपकी बॉडी में वायरस ज्यादा है तो कह देते हैं वायरल लोड हाई है आपकी बॉडी में वायरस कम है तो वायरल लोड लो है तो ये बीमारी जो है ये जानलेवा भी हो सकती है लाइफ थ्रेटनिंग भी हो सकती है तो ये जो पलवल वाली न्यूज़ है इसके अंदर इसी हेपेटाइटिस बी के जो है केसेस आ रहे हैं अब क्योंकि ये लाइफ थ्रेटनिंग डिजीज है तो ऑब्वियसली इसके ट्रीटमेंट के भी ऑप्शंस ढूंढने ढूंढे गए होंगे तो ट्रीटमेंट से अच्छा होता है प्रिवेंशन तो याद रखना हेपेटाइटिस बी जो है क्या इसकी वैक्सीन अवेलेबल है यस इसकी वैक्सीन को बोल देते हैं हेप बी वैक्सीन पहले यह अलग से लगती थी अब इसको गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने फ्री में जो वैक्सीनंस लगती हैं उनके अंदर पेंटावेलेंट वैक्सीन जो है उसका पार्ट बना दिया है प्लस बच्चे के जन्म के ठीक है पहले वीक के अंदर हेप बी की जो वैक्सीन है उसकी पहली डोज लग जाती है यह शुरू में लगती है हेप बी अलग से दी जाती है और बाद में पेंटावेलेंट जो है उसका पार्ट है पेंटावेलेंट का मतलब इसमें पांच बीमारियों की वैक्सीन है एक साथ डीपीटी पहले चला करती थी डिप्थीरिया परसिस टिटनेस उसके अंदर ऐड किया हेप बी हेप बी के बाद इसके अंदर जो निमोनिया होता है उसका भी इन्होंने ऐड कर कजुगेट निमोनिया जो था उसको भी इसके अंदर ऐड कर दिया था ठीक है तो हेप बी इज पार्ट ऑफ इंडियास वैक्सीन प्रोग्राम फ्री में इसकी वैक्सीन लगती है ठीक है एडल्ट्स जो है उनके लिए अलग से वैक्सीन आती है अगर किसी को लगे कि मेरा वैक्सीनेशन नहीं हुआ है तो वो भी इसका वैक्सीनेशन करवा सकते हैं हैप बी हैप बी की वैक्सीन जो है ये यूएसए में आई थी सबसे पहले 1991 के अंदर यूएसए में हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन आ गई थी एक और चीज यहां पे मैं बता दूं कि जैसे ही मैं कह रहा हूं कि वायरस होता है तो वो कई बार क्वेश्चन पूछते हैं ये क्वेश्चन आता है कई बार कि जो हेपेटाइटिस है हेपेटाइटिस का वायरस कैसा वायरस है कैसा वायरस में ऑप्शन ए दे दिया जैसे डीएनए वायरस ऑप्शन बी दे दिया आरएनए वायरस ऑप्शन सी में कुछ और दे देंगे डीएनए एंड लिपिड एंड प्रोटीन इस तरह का कुछ दे दिया तो याद रखना है हमें इसका स्ट्रक्चर जो है इसके स्ट्रक्चर में डबल स्टैंडर्ड डीएनए होता है ऐसे और बाहर की साइड वायरस में हमेशा एक कैप्सूल होता है जो इसको प्रोटेक्शन देता है तो उसके अंदर लिपिड्स होते हैं और प्रोटीन होती है दिस इज स्ट्रक्चर ऑफ हेपेटाइटिस बी वायरस तो होपफुली कई सारी चीजें इस चीज से क्लियर हुई होंगी है ना और अब फटाफट से अगर कभी टेस्ट कराया है या अगर कुछ इससे समझ में आया है तो फटाफट से यह बताना कि क्या हेपेटाइटिस बी जो फैल रहा है उसके लिए हमें वाटर डिपार्टमेंट को या गंदे पानी
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