Social Anxiety
Social Anxiety
कोई समझते हैं मोटरसाइकिल इमेज आई थी। उसने बताया गया है। पहले दोहे डिप्रेशन और शराब की लत तो दूसरे लोग बहुत ज्यादा शर्मीले होते हैं। फिर भी नाम वाले लोगों में शर्मिला पन इस कदर हावी होता है जो उनके जीवन पर नेगेटिव असर डाल सकता है। एग्जांपल के लिए उन्हें नए लोगों से मिलने से रोक सकता है। दिल से रोक सकता है क्योंकि ग्रेट को खराब कर सकता है। वगैरह कुछ ऐसी सोच सकती है। बढ़िया ऊंची पोस्ट वाले लोगों से बात करना। कुछ लोग सब के सामने अकेले खाने या झूठ में कुछ करने से प्रकार होते हैं। उन्हें पसंद नहीं कर सकता। ध्यान होने पर हो। उन्हें किसी भी तरह की सिचुएशन में देखा जाना प्रथम नहीं है। ऐसी चैटिंग करते हैं। उसके लक्षणों के बारे में पिछले चैप्टर में बताया गया है। बेहद कंफर्टेबल महसूस करेंगे। उन्हें बहुत पसीना आएगा। वह शर्म आएंगे। उन्हें लगेगा।
उनके दिल की धड़कन हो जाएंगी। उन सबका ध्यान होने से लोगों के लिए हमें लगता है कि देश में रहने लायक नहीं है कि खुद कुछ लाइक नहीं समझते कि दूसरे उन्हें अपना समय दे जल्दी सो जाते हैं। अब घर लौटने के बाद वह अपनी की गई हर छोटी से छोटी बात को हद से ज्यादा नाराज करने लगते हैं। क्या वह गलत सोच वाले लोग भविष्य में किसी भी सोशल इवेंट पर जाने से बचने की कोशिश करेंगे। ऐसी क्रीम ने सोशल एंजायटी का कारण बनने वाले साथ सबसे आम कारणों की पहचान की है। सबसे पहले व्यवहार से संबंधित।
उनका अतीत है एग्जांपल के लिए जब कोई बच्चा गर्म होता है उसे हमेशा याद दिलाएगा कि उसे खूब उनको फिर कभी नहीं खोना चाहिए। दर्द हमेशा उसके दिल में भरा रहेगा। रिप्लाई किया जा सकता है। अगर कभी इंसान को शर्मिंदा किया गया। उसके साथ रहेगा। इस कारण से वह खुद को फिर से उसे क्वेश्चन में डालने से।
विक्रम सिंह यानी की सोच। इंसान किसी सिचुएशन को कैसे देखता है। इसका भी सोशल एंजायटी को बढ़ावा देने में बहुत बड़ा हाथ है। एग्जांपल के लिए आपके किसी दोस्त की शादी में आप उसके बारे में लोगों के सामने कुछ बोलने वाले हैं। आमतौर पर इससे पहले घबराहट महसूस करेगा। उसके बारे में सोचने लगेगा। इतनी गंभीर होती है इंसान कभी ना करने की कसम तक खा लेता है। तीसरा सलूशन सोशल प्राणी है जो अकेला नहीं रह सकता। हमारे पूर्वजों को सालों पहले जिंदा रहने के लिए साथ साथ रहना पड़ा था। लेकिन कई लोग ऐसा करने से डरते हैं। उन्हें लगता है कि देख कर दिया जाएगा। महसूस नहीं करना चाहते कि वह खुद को लोगों पर थोप रहे हैं। इसलिए सोच वाले लोग और उनसे रिश्ता जोड़ना पसंद नहीं करते। ऐसा लगता है कि हर तरफ से आजाद रह पाएंगे। अपने परिवार पर एक नजर डालें। एक बात की बहुत ज्यादा उम्मीद है कि आपको अपनी फोटो लगाई थी। अपने परिवार से ही मिली होगी जब साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर्स की बात आती है तो इंसान का।
दर्दनाक या बुरा अनुभव की शुरुआत हो सकती है कि कोई इंसान रूप से घबराने क्यों लगता है। उसका जीवन की परिस्थितियां कभी जीवन में ऐसी घटनाएं घट जाती है जिनकी वजह से आपसे ज्यादा चिंता करने वाले बन जाते हैं। एग्जांपल के लिए होने के बाद आपके मन में आजादी की भावना आने लगती है। यह महसूस करना कि आपकी जिंदगी आपके ऊपर है। कुछ लोगों के लिए एक डराने वाली जिम्मेदारी हो सकती है। सातवां आज के तनाव के अनुसार किसी इंसान के चिंता कर सकते हैं।
इतने बड़े फैसले तब होते हैं जब कोई इंसान अपने करीबी इंसान के साथ रिश्ता तोड़ लेता है। एग्जांपल के लिए परिवार या दोस्त के बदलाव इस बात पर असर डालते हैं कि एक इंसान दोस्तों से कैसे जुड़ता है? टेंपल के लिए बचपन के दोस्तों के साथ कांटेक्ट को देने पर इंसान अकेलापन महसूस कर सकता है। ठीक है ना मुश्किल हो सकता है कि किसी के सोशल एंजायटी सिर्फ एक कारण से आई है। एक दूसरे कारणों को टिकट कर सकता है। एग्जांपल के लिए एक बच्चा अपने साथ में पढ़ रहे बच्चों के सामने आना पसंद नहीं करता है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि 1 साल पहले उसने भीड़ के सामने खुद को शर्मिंदा भी शर्मिंदगी इसलिए भी हो सकती है क्योंकि उनकी मां को इनसाइटी डिसऑर्डर है।
एप्स फॉर क्विक सोशल एंड आईटी विल बे कि आपका सोशल एंजायटी डिसऑर्डर क्लिनिकली डेड नहीं हुआ है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप घबराते नहीं हैं। आपके जीवन में ऐसे बहुत से मौके आएंगे। जब आपको लगेगा कि शर्म के कारण आपके पैर जैसे जब से गए हैं, आपको को देने के लिए कहा जा सकता है जिससे आपके कली को देना था। पीलापन आपको इस पोस्ट को पाने से रोक सकता है जिसके आप हकदार हैं। अगर आपको सोशल एंजायटी डिसऑर्डर नहीं है तो एग्जांपल होते हैं। जरूरी नहीं है। आप शायद एक या दो दिनों में शर्मिंदगी के बारे में भूल सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको उन्हें गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। जानते हैं क्यों ऐसा इसलिए क्योंकि सोशल एंजाइटी आपको पूरी तरह से जिंदगी रुक सकती है।
आपको उन मौकों को आजमाने से रोकेगा जो आपके पास आएंगे तो आपको क्या करना चाहिए। क्या कई चीजें हैं जो आप कर सकते हैं, कॉल करने में दिक्कत होती है जिन्हें सोशल एंजायटी डिसऑर्डर की मेडिकल कंडीशन नहीं है। सबसे पहले आपको कुछ नहीं करना है ना इससे पहले कि आप यह जाने कि आपको से राहत कैसे मिलेगी। कुछ न करने पर विचार करें। अपनी जनता को मेला पानी समझे कभी कभी आपको इसे साफ करने के लिए कुछ नहीं करना होता है या नहीं। जवाब कुछ नहीं करेंगे तो उस पाने की गंदगी अपने आप नीचे बैठने लगेगी और पानी फिर साफ हो जाएगा। चिंता भी कभी-कभी जवाब से छुटकारा पाने की कोशिश नहीं करते हैं तो यह अपने आप दूर हो जाती है। दूसरा याद आता है कि आप को सांस लेने के लिए काफी हवन नहीं मिल रही है। इसलिए जितना हो सके सांस अंदर लेने की कोशिश करें। आप यहां गहरी और लंबी सांसें लें ताकि आप शांत! आपको और ज्यादा कंट्रोल करने के लिए अपनी सांसो को गिनती सकते हैं। तीसरा सोचो कि यह भी बीत जाएगा। शायद आपको भी भयानक लग रहा है कि आप पर कभी अपना चेहरा नहीं दिखा सकते। लेकिन अपने आपसे यह कहना कि अभी आप जो महसूस कर रहे हैं, वह बदल जाएगा। आपको हमेशा के लिए समय नहीं करेंगे। बैठक लोग आप पर हंसते होंगे और शायद आपसे कभी नहीं भूल सकते। लेकिन जल्दी आप महसूस करेंगे कि वह पल इतना खास नहीं था। इसलिए कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपकी जिंदगी को बर्बाद नहीं कर देगा। इसलिए जितनी जल्दी आप इस बात को समझेंगे उतनी ही कम चिंता महसूस करेंगे। तथा अपने। आप से बात कीजिए थोड़ा की भावना से छुटकारा पाने में मदद की है। अपने आप से बात करना पर पूरी तरह से ध्यान देने से डिस्ट्रिक्ट करता है। लेकिन आप सच में कैसे करते हैं तो आपको खुद से नेगेटिव बात करने के बजाय पॉजिटिव रूप से और प्यार से बात करनी चाहिए। जब आप लोगों के सामने बोलने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हैं तो आपसे बात करते हैं। आप कह सकते हैं कि मैं शांत और रिलायंस भी टेंशन में हूं या परेशान नहीं हूं। यह पॉजिटिव तरीके से बोलना नहीं। आप खुद से बात करने के लिए किसी प्रॉब्लम को सॉल्व कर सकते हैं या कमर्शियल इस्तेमाल। मैथ की प्रॉब्लम को हल करना मददगार होगा। इस पे कमिशन सैनी की पॉजिटिव बातें आप को शांत करने के साथ-साथ आपके कॉन्फिडेंस को बढ़ाने में भी मदद करती है। ऐसा मत करना है। इतना जल्दी ही महसूस करेंगे कि यह कितने बार होते हैं। अभी कह सकते हैं कि भले ही जवाब घबराए हुए होते हैं। तब भी आपको फोन करते हैं कि आप अपनी चिंता से बहुत बड़े अच्छे एक्सपीरियंसिया यादों को याद रखना भी मददगार हो सकता है। उस समय के बारे में सोचें। बाप ने सबसे ज्यादा शांति में रिमझिम बारिश हो रही थी और। ठंडी हवाएं चल रही थी तब आप हाथों में गरमा गरम अदरक वाली चाय का कप लिए सुहाने मौसम को एंजॉय कर रहे थे। क्या जब झूले पर लेटे लेटे आपकी आंख लग गई थी। उनके बारे में सोचने से आपको चिंता से छुटकारा पाने में मदद कर सकते हैं।
अनुपम को समझने के साथ बढ़ते हैं। आगे और इंपॉर्टेंट क्षेत्र की ओर चल हेल्थ टिप्स फॉर मैनेजिंग योर सोशल एंजायटी उन लोगों के लिए था जिन्हें नार्मल है कि सोशल एंजायटी डिसऑर्डर इस चित्र में दी गई तकनीक उन लोगों के लिए है जिनका डिसऑर्डर क्लिनिकली डायग्नोस्टिक किया गया है। इस प्रॉब्लम से जूझ रहे लोग दो चीजें गया तो खुद की मदद कर सकते हैं या प्रोफेशनल हेल्प ले सकते हैं। खुद की मदद करने वाले सेल्फ हेल्प ऑप्शन के अंदर तीन चीजे आती हैं। जनता से राहत पाने के लिए चिंता करना। यह जानना कि उसी समय पर कर कर रहा है। क्या उसे सॉल्व किया जा सकता है और बेकार के थॉट को या 29 को दूर करना यह हमारी किसी भी तरह से मदद नहीं कर रहे हैं। पहले ही से राहत पाने के लिए चिंता करना अभी उपाय सुनने में कितना अजीब लग रहा है ना। लेकिन जब तक आए नहीं करेंगे तब तक आप से नहीं जान पाएंगे कि आपको बार-बार चिंता करने के लिए कहती है चिंता करने से आपको अपनी। समझने में मदद मिलेगी। आप सोच रहे होंगे कि यह कैसी पैसों की बात है, लेकिन यह फैक्ट्री इसीलिए है क्योंकि यह आपकी चिंता करने के कोटे को पूरा करने में मदद कर आप लगातार किसी चीज के बारे में चिंता करते हैं तो 1 दिन आप अच्छा खुद से दूर कर देते हैं कि बिल्कुल धोखे में दबाकर खाने जाता है क्योंकि आप अपनी पसंद के खाने कोई आपको सब कुछ दिनों बाद हो जाती है। बार-बार चिंता करना ठीक वैसा ही है। अगर आप लगातार चिंता से खुद को थका देंगे तो आप अपनी जनता पर बेहतर खेल कर पाएंगे तो एक ऐसा टाइम सेट करना जिसमें आप सिर्फ जनता ही किए जा रहे हैं। का अच्छा असर पड़ता है जब आपके लिए अच्छा समय होता है तो अब चिंता को एक पेंट करने के लिए खुद को तैयार कर रहे हो तो एकदम पल के लिए आपको एक प्रेजेंटेशन देनी है तो अगर आप उसके बारे में पहले ही टाइम सेट करके चंदा करेंगे। जब असल में प्रेजेंटेशन देने का वक्त आएगा तब तक आपके पास चिंता करने का।
आप जो करना है कर रही है, क्या हाल किया जा सकता है कि नहीं कि आप किसी भी ऐसी सिचुएशन के बारे में नहीं सोचना चाहेंगे तो आपकी चिंता को ट्रिगर करें। इस तकनीक के लिए इसकी जरूरत है जाने कि आपके प्रकट किया जा सकता है या नहीं। एक बार जान लेते हैं तो आप उसके हिसाब से काम कर सकते हैं। या तो आप उसके बारे में?
यहां पुष्टिकर के कोंटेक्ट में आने को कम कर सकते हैं। यह जानने के दो तरीके हैं कि आप किस नगर को हल कर सकते हैं या नहीं। सबसे पहले आपका फिगर क्या प्रॉब्लम है। अब आपकी इमैजिनेशन में है। कुछ सिचुएशन के बारे में गहराई से सोते हैं जिसमें आप हैं। क्या यह एक हकीकत का ट्रिगर है या आपका दिमाग सिर्फ जनता को बढ़ा चढ़ाकर पेश कर रहा है। एग्जांपल के लिए क्या आप सो रहे हैं क्या आप के रिजल्ट के लिए आपने कोई ना कोई कमी जरूर निकाली जाएगी। भले ही पिछले महीने आपके बॉस वाला लगातार और अच्छा काम करने के लिए आपकी तारीफ की गई हो और इसके बाद क्या सच में इसके बारे में कुछ करने की स्थिति में हैं। एग्जांपल के लिए आप किसी नेटवर्किंग इवेंट में किसी से कराना चाहते हैं। आप उसके साथ काम करना चाहते हैं, लेकिन अब उसके पास जाने से आ रहे हैं। आप को डर है कि आप का मजाक उड़ा सकता है। यहां पर आ सकता है। इस बात को मान लेना कि वह आपके साथ कैसा व्यवहार करेगा। यह आपके कंट्रोल में नहीं है। आपकी चिंता को शांत करता है। यह आपके हाथ में नहीं है कि दूसरे आपके साथ कैसे पेश आएंगे। जितनी जल्दी आप इसे स्वीकार कर लेंगे। उतनी ही जल्दी आप कम चिंता करने लगेंगे। तीसरा फालतू के विचारों को दूर करना हमारे थॉट बहुत पार्सल होते हैं। अपने फायदे के लिए कर सकते हैं क्योंकि होने दे सकते हैं।
क्या होगा अगर आपको लगता है कि आपके थॉट्स ही आपके रास्ते की सबसे बड़ी मुश्किल का रुकावट है। इस बात को जान लें कि मुश्किलों को खत्म किया जा सकता है। आपके थॉट्स विचार हैं। सही है कि सच नहीं है। फालतू के विचारों को कैसे दूर कर सकते हैं तो सबसे पहले आपके बारे में अगर होना होगा। एक बार जब आप यह जान जाते हैं कि आपके बेकार के छठ का पैटर्न क्या है तो आप इसे चुनौती दे सकते हैं और खत्म कर सकते हैं। यहां 5 कमेंट बैठता है। फ्यूचर के बारे में सोचते रहना अब तक परेशान हो जाते हैं। जब आप ही सोच कर थक जाते हैं कि आने वाले कल में क्या होगा। लेकिन बात यह है कि कल क्या होगा, कोई नहीं जान सकता। इसलिए आप बेकार में ही अपनी एनर्जी और टाइम वेस्ट कर रहे हैं। हम सराय माइंड रीडिंग यानी कि आप खुद ही मान लेते हैं कि लोग आपके बारे में गलत सोच रहे हैं अनुमान लगाना।
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लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है? क्या आपके पास उसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है। दिल से याद रखें कि आपके थॉट्स सच नहीं है। सिर्फ आपके कॉन्फिडेंस को कम करेगी। तीसरा चीजों को पर्सनली लेना दुनिया आपके इर्द-गिर्द नहीं घूमती। सिर्फ लेकर कोई चुप है। इसका मतलब यह नहीं है कि वह आप से नफरत करते हैं। अगर आपने कुछ भी गलत नहीं किया है तो उनके पास आप पर गुस्सा होने का कोई कारण नहीं है। तथा एक बार आपके साथ कुछ गलत हो गया तो जरूरी तो नहीं है ना कि हर बार आपके साथ गलत होता जाएगा। क्या आपने अपनी एक बार कर दी तो इसका मतलब यह नहीं है कि कभी किसी के सामने ठीक से बोली नहीं पाएंगे। पांचवा सिर्फ बातों पर ध्यान देना यह सोचने में वक्त बर्बाद करते हैं कि उनसे किसी सोशल से ट्यूशन में क्या गलती हुई थी। इसके कारण अब जब आप अपने सारे कमेंट पेटर्न्स को जानते हैं तो पहचाने कि आप किस का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं पर जो घटना पर हावी होने लगे तो खुद को परेशान होने से एग्जांपल के लिए आप फ्यूचर के बारे में सोचने के आदी हैं। आप सोच सकते हैं कि किसी ने इंसान से मिलना बहुत बुरा होगा, लेकिन खुद पूछिए।
क्या करने के लिए आपके पास क्या सबूत है। आप पहले भी अजनबी हो से मिल चुके हैं और उसमें आपके साथ कुछ गलत नहीं हुआ था बल्कि कुछ अजनबी तो आपके अच्छे दोस्त भी बन गए। क्या होगा कि अगर आपने किसी पुराने दोस्त को बताया कि आपने कैसे सोचा था तो उनसे पहली बार मिलना बुरा साबित होगा और आपको क्या लगता है। वह क्या कहेंगे। शायद आपको बताएंगे। क्या आप सही है अब आज से 6 महीने बाद?
क्या जब देते हैं उसे देखकर आप क्या सोचेंगे? क्या आप 6 महीने बाद भी किसी ने इंसान से मिलने की चिंता कर रहे होंगे। चुनाव किए जाने वाले सूरज के साथ नहीं आता है। आप हद से ज्यादा सोचने की प्रॉब्लम को चुटकी बजाते ही रोक नहीं सकते। लेकिन आप इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल जरूर कर सकते हैं। ट्यूशन के पॉजिटिव साइट को देखने की कोशिश कीजिए। यह सोचने के बजाय के कुछ गलत होगा। इस तरह से सोचने की कोशिश करें कि क्या पता कुछ अच्छा हो जाए?
अरब कंक्लुजन जब तक हमने जो भी पड़ा और सुना उनके कीपॉइंट्स को हम डिवाइस करेंगे तो सबसे पहले आपने डायग्नोस्टिक आईआईटी और नार्मल त्रिवेदी के बीच के फर्क के बारे में जाना किसी बात को लेकर नर्वस याद चिंतित होना आम बात है। चिंता करने वाली बात तब बन जाती है जब आपकी चिंता सिचुएशन के हिसाब से कहीं ज्यादा होती है। इसके बारे में जाना तब होता है जब इंसान की तरह की सोच घबरा जाता है। जब दूसरे लोगों के साथ उनकी रातों की नींद तक उड़ जाती है। ऐसी सिचुएशन में उनका हार्ट रेट बढ़ जाता है। हाथ पैर ठंडे हो जाते हैं और उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ होती है।
ट्रॉपिकल कैसे करी फैक्ट्री दो सोशल एंजाइटी का कारण बनते हैं। ज्यादातर विरल अग्नि पॉलिटिकल हो सकता है। इसका कारण हो सकते हैं। अलग-अलग तरीकों के बारे में जाना ध्यान रखना जरूरी है। उन लोगों के लिए आपको अपने आप को कंट्रोल करना है। यह मानना है कि आपकी सारी जनता की भावना बाहर निकल रही है। कुछ बात करनी थी। आपको बहुत मदद मिल सकती है। पॉजिटिव यूज करना अच्छी यादों को याद रखना है। क्या प्रॉब्लम का हल निकालने से भी मदद मिल सकती है तथा डायग्नोस्टिक बैटरी लोगों के लिए self-help पिक के बारे में सिखा प्रोफेशनल लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन क्योंकि प्रोफेशनल मदद हमेशा नहीं मिल सकती। इसलिए खुद की मदद करना।
नाचे जो चीज आपको कर कर रही है उसका कोई हल निकाला जा सकता है या नहीं आने पर उन्हें दूर करना इत्यादि।
कुछ लोग मानते हैं कि उनकी सोशल एंजाइटी कभी दूर नहीं हो सकती। इस कदर उनका हिस्सा बन चुकी है जिसके साथ तूने हमेशा रहना होगा, लेकिन समरी में बताई गई तकनीक के इस्तेमाल से दूर करना काफी हद तक आसान हो जाएगा। अपने घबराहट को कंट्रोल करने के लिए थोड़ी जरूरत है। क्या पापा भी जिंदगी कैसे जीत सकते हैं जैसा कि आप चाहते हैं। आप भी औरों की तरह खुश रह सकते हैं और लोगों के आस पास रहकर जिंदगी को भरपूर कर सकते हैं और हमारा यकीन है कि आप ऐसा कर सकेंगे तो सबसे पहले तो यह बैलेंस करना और स्वीकार करना कि हां कि कहीं ना कहीं होती है कृपया जवाब। स्पीकर कर आगे बढ़ेंगे से खुद को मुक्त कराने की कोशिश करेंगे तो जितने भी सलूशन पत्थर में बताएं इनमें से कौन सा सलूशन आपको लगता है कि आप करना क्या भले ही मुश्किल है, लेकिन आप उसे ऐड करेंगे। उस इंप्लीमेंट करेंगे। कौन सा पॉइंट है उसे कमेंट सेक्शन में लिखी है और उसकी अभी से प्रेक्टिस।
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